सत्य बोलना भगवान की पूजा के समान है। जो व्यक्ति बेवजह झूठ बोलता है भगवान उससे कभी प्रसन्न नहीं होते। यह उद्गार इंदिरा नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत महोत्सव के दूसरे दिन गुरुदेव कमलेश भाई ने व्यक्त किए। उन्होंने कथा के दौरान श्रीमद् भागवत महापुराण की रचना नारद चरित्र भीष्म स्तुति इत्यादि का वर्णन किया। पंडित राजेश शर्मा ने बताया कि भागवत कथा का श्रवण करने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष मौजूद रहे।
सत्य बोलना भगवान की पूजा के समान है